देश में क्रिएटर्स और बिल्डर्स की अगली पीढ़ी के लिए ऑटोडेस्क स्टोर को सेल्फ-सर्व स्टोर में अपग्रेड किया
नई दिल्ली, 20 जून: भारत में ऑटोडेस्क स्टोर में एक महत्वपूर्ण अपग्रेड किया गया है। ऑटोडेस्क ने इसे एक पूरी तरह से सेल्फ-सर्व प्रोक्योरमेंट प्लेटफॉर्म में बदल दिया है। इससे देश में स्टार्टअप्स, उद्यमियों, फ्रीलांसर और छोटे एवं मध्यम व्यवसायों (एसएमबी) को प्रोफेशनल डिज़ाइन और टेक्नोलॉजी अधिक आसानी से उपलब्ध हो पाएंगे। ऑटोडेस्क स्टोर एक डिजिटल-फर्स्ट गो-टू-मार्केट मॉडल की तरह काम करेगा। इससे ग्राहकों के लिए इसके डिज़ाइन एंड मेक सॉल्यूशंस को खोजना, आजमाना, खरीदना और मैनेज करना आसान हो जाएगा।
- भारत में पहली बार ऑटोडेस्क इस्तेमाल करने वाले 50 प्रतिशत से अधिक ग्राहक स्टार्टअप, फ्रीलांसर और एसएमबी हैं।
- यह नया डिजिटल स्टोर प्रोफेशनल ‘डिज़ाईन एंड मेक’ टेक्नोलॉजी मेट्रो शहरों एवं अन्य जगहों के सभी भारतीय क्रिएटर्स तक पहुँचाएगा।
इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया की लेटेस्ट इंटरनेट इन इंडिया रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 958 मिलियन एक्टिव इंटरनेट यूज़र हैं। यानी भारत दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे तेजी से बढ़ती हुई डिजिटल अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। इतने व्यापक इंटरनेट एडॉप्शन के कारण ऑटोडेस्क क्रिएटर समुदाय के प्रोफेशनल टेक्नोलॉजी खरीदने के अनुभव में भी बुनियादी परिवर्तन आया है। नए ऑटोडेस्क स्टोर ने प्रोफेशनल ग्रेड टेक्नोलॉजी की उपलब्धता को सरल बना दिया है। खरीद एवं कंजंप्शन के नए विकल्प प्रदान किए हैं। ऐसा करने का मकसद हर आकार के बिजनेस, खासकर उभरते हुए बिजनेस और पहली बार के यूज़र्स की बाधाओं को कम करना है, ताकि वो विकसित भारत के लिए इनोवेशन, डिज़ाइन और निर्माण कर सकें।
भारत में यह प्लेटफॉर्म साल 2017 में लॉन्च हुआ था। धीरे-धीरे यह भारत में ऑटोडेस्क के सबसे महत्वपूर्ण कस्टमर एक्विजिशन चैनल्स में से एक बन गया। आज भारत में पहली बार ऑटोडेस्क इस्तेमाल करने वाले 50 प्रतिशत से अधिक ग्राहक स्टार्टअप, फ्रीलांसर और उभरते हुए बिजनेस हैं। इससे एक तरफ तो भारत में उद्यमियों का विस्तार प्रदर्शित होता है, तो दूसरी तरफ यह भी प्रदर्शित होता है कि नई पीढ़ी के प्रोफेशनल्स के बीच डिजिटल-फर्स्ट प्रोक्योरमेंट किस हद तक महत्वपूर्ण हो चुका है।
यह परिवर्तन पारंपरिक मेट्रो बाजारों से बाहर भी दिखाई दे रहा है। टियर 2 और टियर 3 शहरों में उद्यमियों की बढ़ती गतिविधि और बढ़ते डिजिटल एडॉप्शन से नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं। ऑटोडेस्क के ऑनलाइन ग्राहकों में इन शहरों का हिस्सा 20 प्रतिशत से अधिक है। डेटा से प्रदर्शित होता है कि उभरते हुए व्यवसायिक केंद्र भारत में विकास और डिजिटल टेक्नोलॉजी एडॉप्शन के मुख्य इंजन बनते जा रहे हैं।
कामोलिका गुप्ता पेरेज़, वाईस प्रेसिडेंट, ऑटोडेस्क इंडिया और सार्क ने कहा, “भारत में लगभग एक बिलियन इंटरनेट यूज़र हैं। इस पीढ़ी के लिए डिजिटल एक चैनल नहीं, बल्कि एक जरूरत है। आज के ऑटोडेस्क क्रिएटर समुदाय में डिज़ाइनर, एनिमेटर और मैन्युफैक्चरर हैं, जो प्रोफेशनल टेक्नोलॉजी को तुरंत खोजना, आजमाना और खरीदना चाहते हैं, ठीक वैसे ही, जैसे वो अन्य ऑनलाइन प्रोडक्ट्स और सर्विसेज के लिए करते हैं।”
कामोलिका ने आगे कहा, “पिछले एक साल में हमने भारत में ऑटोडेस्क के ग्राहकों और क्रिएटर समुदाय के खरीदारी के व्यवहार और उनकी पसंदों का विश्लेषण किया। इससे मिले नतीजों के आधार पर हमने ऑटोडेस्क स्टोर को ज्यादा इन्ट्यूटिव, इंक्लूसिव, सुगम और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप बनाया। यह आधुनिक भारतीय व्यवसायों और प्रोफेशनल्स के लिए विकसित किया गया है। भारत में जैसे-जैसे ऑटोडेस्क का विस्तार हो रहा है, हम इसे और अधिक आसान बनाते जा रहे हैं, ताकि प्रोफेशनल डिज़ाइन टेक्नोलॉजी हर जगह आसानी से उपलब्ध हो सके।”
यह बेहतर प्लेटफॉर्म कई पर्चेजिंग मॉडल और क्षमताएं पेश करता है, जो भारत में स्वतंत्र प्रोफेशनल्स और छोटे व्यवसायों के काम करने के तरीके के अनुसार डिज़ाइन की गई हैं:
- अनेकों प्रोडक्ट और पेमेंट विकल्प – ऑफिशियल ऑटोडेस्क ऑनलाइन स्टोर पर संपूर्ण प्रोडक्ट रेंज मौजूद है, जो भारत में उपलब्ध है। 60 से अधिक प्रोडक्ट खरीदे जा सकते हैं। उनके लिए क्रेडिट कार्ड, नेटबैंकिंग, यूपीआई और डेबिट कार्ड सहित कई तरीकों से पेमेंट किया जा सकता है।
- मासिक सदस्यता – प्रोफेशनल ऑटोडेस्क प्रोडक्ट्स की मासिक सदस्यता ले सकते हैं। प्रवेश शुल्क की शुरुआत ऑटोकैड वेब के लिए 1,062 रुपये से होती है। तीन महीने के कमीशन पर काम करने वाला फ्रीलांस आर्किटेक्ट, अपने पहले प्रोडक्ट प्रोटोटाइप की टेस्टिंग करने वाला स्टार्टअप या छोटे डिज़ाइन प्रोजेक्ट पर काम करने वाली कोई भी फर्म इंडस्ट्री-स्टैंडर्ड टूल केवल तब तक के लिए प्राप्त कर सकती है, जब तक उन्हें इसकी जरूरत होती है।
- फ्लेक्स टोकन (पे-पर-यूज़ मीटर) – ऑटोडेस्क फ्लेक्स केवल इंडिया स्टोर पर उपलब्ध है। टीमें अपने उपयोग के अनुसार टोकन खरीद सकती हैं। 100 टोकन का मूल्य 29,300 रुपये से शुरू होता है। यह एक साल के लिए वैध होता है और इसे अनेकों यूज़र्स एवं चुनिंदा ऑटोडेस्क प्रोडक्ट्स के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
- फुल सेल्फ-सर्व कॉमर्स, कॉलबैक की जरूरत नहीं – ग्राहक तुरंत आपस में कोटेशन बनाकर भेज सकते हैं, ताकि तेजी से अनुमति मिल सके। एक ही चेकआउट में कई प्रोडक्ट के ऑर्डर पूरे किए जा सकते हैं। कई सब्सक्रिप्शंस को एक साथ रिन्यू किया जा सकता है। जीएसटी अनुपालन को संभाला जा सकता है। खरीदी की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से सेल्फ-डायरेक्टेड होती है।
सॉफ्टवेयर खरीदने की प्रक्रिया डिजिटल होती जा रही है, इसलिए ऑटोडेस्क ने अपने प्लेटफॉर्म पर पेमेंट के विकल्प बढ़ा दिए हैं। अब पेमेंट यूपीआई के साथ डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग और क्रेडिट कार्ड से भी किया जा सकता है। इसलिए भारत के ग्राहकों के लिए अपने जाने-पहचाने और रोजमर्रा के पेमेंट माध्यमों द्वारा पेमेंट करके सॉल्यूशन खरीदना आसान हो गया है।

